प्रारम्भ
Monday, February 14, 2011
सपने कितने अपने होते हैं इसका एहसास हमे बहुत बाद में होता है जब हम सपने देखना भूल चुके होते हैं या न देखने पर मजबूर कर दिए गए होते हैं।
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