प्रारम्भ
Saturday, March 5, 2011
नया
बजट
एक
आतिश
बाज़ी
की
तरह
आया
,
खूब
तेज
आवाज
शोर
शराबा
नई
चमक
और
एक
उम्मीद
की
शायद
कुछ
देर
तक
सुख
या
मनोरंजन
ही
दे
सके
लेकिन
अंत
में
बस
फुस्स
और
ढेर
सारा
धूआ
और
अन्धकार
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