प्रारम्भ
Sunday, January 10, 2010
हद हो गई मौकापरसती की जब तक कोई विवाद नहीं था तब तक सारी बातें आदर्शवाद की होती थी अब एक दूसरे पर आरोपों की कमी नहीं है... क्या अमर सिंह अपने पूर्व के बयानों को भूल गए? यह तो सरासर छोटी बात है की किसी की पैसों से मदद के बाद ताना देना...
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment